होस्टेड चेकआउट: पहले लॉन्च, फिर ऑप्टिमाइज़
होस्टेड चेकआउट ग्राहक को पेमेंट URL पर भेजता है और कॉलबैक के साथ वापस लाता है। फ्रंट-एंड बदलने की ज़रूरत नहीं: एक लिंक, एक इंटीग्रेशन, और पेज के पीछे इंटेंट लिंक और कलेक्ट फ़ॉलबैक दोनों संभलते हैं। Titan Pay के सैंडबॉक्स में होस्टेड बेसलाइन 60% सक्सेस है। Web और H5 के लिए यह ठीक शुरुआत है, ख़ासकर तब जब आपको पहले लाइव जाना है और ग्राहक कौन-से ऐप इस्तेमाल करते हैं, यह अभी पता नहीं।
ट्रेड-ऑफ़ कंट्रोल है। ग्राहक आपका पेज छोड़ता है, और चेकआउट का अपना ड्रॉप-ऑफ़ भी आपको झेलना पड़ता है। होस्टेड से डेटा लें, फिर हाई-इंटेंट ट्रैफ़िक को कम स्टेप वाले रेल पर ले जाएँ।
इंटेंट वेक-अप: मोबाइल पर कम टैप
upi:// लिंक फ़ोन में पहले से इंस्टॉल UPI ऐप खोलता है। ग्राहक VPA नहीं टाइप करता, और कॉलबैक में UTR आता है। मोबाइल Web और ऐप के अंदर यह आम तौर पर टैप से पेमेंट तक का सबसे छोटा रास्ता है। Titan Pay की नेटिव और इंटेंट बेसलाइन 70% है, यानी उसी सैंडबॉक्स में होस्टेड से 10 पॉइंट ज़्यादा।
इंटेंट लिंक को मोबाइल कॉन्टेक्स्ट चाहिए। डेस्कटॉप पर डायनामिक QR पर फ़ॉलबैक करें; मृत बटन न दिखाएँ। कुछ ऐप में ग्राहक अमाउंट बदल सकता है, इसलिए ऐप खोलने से पहले ऑर्डर कन्फ़र्म करें।
नेटिव कलेक्ट: सर्वर से शुरू, रिपीट के लिए
कलेक्ट आपके सर्वर से UPI रेल पर जाने वाली रिक्वेस्ट है। VPA जाँच और अमाउंट लॉक 2 सेकंड के अंदर लौटते हैं, और स्टेटस फ़ाइनल स्टेट तक पोल किया जा सकता है। यह सब्सक्रिप्शन, बैच कलेक्शन और उन मामलों के लिए सही है जहाँ ग्राहक चेकआउट पर नहीं बैठा है। पहली पेमेंट के लिए यह कमज़ोर है: ग्राहक के पास VPA पहले से होना चाहिए और रिक्वेस्ट पर भरोसा होना चाहिए।
जब पेयर आपको पहले से पता हो तो कलेक्ट इस्तेमाल करें; कलेक्ट रिक्वेस्ट एक्सपायर हो तो इंटेंट को फ़ॉलबैक रखें।
एक आसान नियम
| स्थिति | पहले | क्यों |
|---|---|---|
| Web या H5, पहला लॉन्च | होस्टेड चेकआउट | सबसे तेज़ लॉन्च, एक लिंक, फ़ॉलबैक साथ |
| मोबाइल Web या ऐप, वन-टैप | इंटेंट वेक-अप | इंस्टॉल ऐप खुलता है, VPA टाइप नहीं |
| सब्सक्रिप्शन या बैच | नेटिव कलेक्ट | सर्वर से शुरू, फ़ाइनल स्टेट तक पोल |
| हाई-वैल्यू ऑर्डर | होस्टेड + इंटेंट | एक रेल फेल हो तो चौड़ा फ़ॉलबैक |
क्या नहीं बदलता
किसी भी रेल से शुरू करें, एक ही कॉलबैक फ़ॉर्मैट, वही चार फ़ाइनल स्टेट और वही D0 सेटलमेंट फ़ाइल रखें। रिट्राई सीमित रखें: तीन कोशिशें ट्रांज़िएंट फेलियर संभालने और साफ़ ऑडिट ट्रेल के लिए काफ़ी हैं। कॉलबैक देर से आए तो पोल करें; ऑर्डर pending है तो उसे फेल न मार्क करें।
रेल प्रोडक्ट का फ़ैसला है। उसके आसपास का कॉन्ट्रैक्ट—कॉलबैक, UTR, सेटलमेंट—नया रेल जोड़ने पर नहीं बदलना चाहिए।
सामान्य सवाल
नया मर्चेंट पहले कौन-सा रेल चुने?
अगर जल्दी लाइव जाना है तो होस्टेड चेकआउट से शुरू करें। ऐप-लेवल सक्सेस मापने के बाद मोबाइल ट्रैफ़िक इंटेंट पर ले जाएँ।
क्या इंटेंट और कलेक्ट साथ इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ। रिपीट या सर्वर-स्टार्टेड पेमेंट के लिए कलेक्ट रखें, और कलेक्ट एक्सपायर हो तो इंटेंट को फ़ॉलबैक रखें।
₹1 की टेस्ट पेमेंट से शुरू करें
सैंडबॉक्स कीज़, इंटीग्रेशन गाइड और रेट कार्ड Telegram पर।