पहले डिनोमिनेटर तय करें

तय करें कि आप एटेम्प्ट, यूनिक ऑर्डर, अथॉराइज़्ड पेमेंट या कैप्चर पेमेंट माप रहे हैं। हर एक अलग सवाल का जवाब देता है। तीन रिट्राई की नीति एटेम्प्ट-लेवल रेट बढ़ा सकती है, जबकि ऑर्डर-लेवल रेट वही रह सकता है।

परिभाषा लिखें और हर रिपोर्ट में वही रखें। परिभाषा बदली तो ट्रेंड तुलना के लायक नहीं रहता।

ऑप्टिमाइज़ से पहले सेगमेंट करें

संख्या को रेल, ऐप, डिवाइस, इश्यूअर बैंक, फ़ेलियर कोड और टाइम विंडो से तोड़ें। एक होस्टेड पेज जो कुल 60% करता है, Android इंटेंट पर 70% और डेस्कटॉप रीडायरेक्ट पर 40% हो सकता है। औसत वह हिस्सा छिपा देता है जिसे आप ठीक कर सकते हैं।

  • रेल: होस्टेड, नेटिव कलेक्ट, इंटेंट।
  • ऐप: जो UPI ऐप सचमुच खुला।
  • डिवाइस: Android, iOS, डेस्कटॉप।
  • फेलियर: डिक्लाइन, टाइमआउट, pending, मिसिंग कॉलबैक।

रिट्राई सही तरीके से गिनें

रिट्राई रिकवरी है, सक्सेस मेट्रिक नहीं। यूनिक ऑर्डर की फ़ाइनल स्टेट गिनें और रिट्राई अलग रिपोर्ट करें। तीसरी कोशिश सफल हो तो ऑर्डर सफल है, लेकिन पहली दो फेलियर अभी भी ग्राहक का अनुभव बताती हैं।

रिट्राई तीन तक सीमित रखें और हार्ड डिक्लाइन पर रोक दें। अनगिनत रिट्राई एटेम्प्ट बढ़ाती हैं और फ़ाइनल स्टेट देर से आती है।

लेटेंसी और pending देखें

सैंडबॉक्स में कॉलबैक 5 सेकंड के भीतर आना चाहिए। न आए तो पोल करें, सीधे फेल न मार्क करें। Pending फेलियर नहीं, अनसुलझा है। इसे अलग गिनें और कट-ऑफ़ के हिसाब से उम्र नापें।

पाँच कदम की समीक्षा

  1. परिभाषा तय करें।
  2. रेल और ऐप से सेगमेंट करें।
  3. फेलियर को कोड से बाँटें, अनुमान से नहीं।
  4. एक बार में एक वेरिएबल बदलें।
  5. उसी विंडो पर दोबारा नापें।

लक्ष्य संख्या सुंदर बनाना नहीं, बल्कि उन फेलियर मोड की सूची छोटी करना है जिन्हें आप सचमुच हटा सकते हैं।

सामान्य सवाल

60% और 70% तुलनीय क्यों नहीं हैं?

दोनों अलग रेल, अलग डिनोमिनेटर और अलग बायर स्टेप से आते हैं। सेगमेंट-दर-सेगमेंट तुलना करें।

क्या pending ऑर्डर फेलियर माने जाएँ?

नहीं। Pending अलग रिपोर्ट करें और सेटलमेंट कट-ऑफ़ के हिसाब से उसकी उम्र नापें।

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